नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के अमर कॉलोनी क्षेत्र स्थित माउंट कैलाश में घरेलू सहायिका मीना हलदर की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।
माउंट कैलाश के ए-69 स्थित मकान में हुई इस घटना के बाद आरोपी त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मकान की छत पर बने स्टोर रूम में पहले से क्रिकेट बैट और एक नुकीला हथियार रखा गया था। आशंका है कि घरेलू सहायिका को स्टोर रूम की सफाई के बहाने ऊपर बुलाया गया, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी को संदेह था कि मीना हलदर कथित रूप से काला जादू करती थी। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले आरोपी ने उसे किसी से बातचीत करते सुना था, जिसके बाद उसके मन में यह शक पैदा हुआ। हालांकि पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टोर रूम में इसी विषय को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस को मिले संकेतों के मुताबिक महिला ने खुद को बचाने का प्रयास किया था। उसके शरीर पर संघर्ष के निशान भी पाए गए हैं। इसके बाद उस पर क्रिकेट बैट और नुकीले हथियार से हमला किया गया। पड़ोसियों ने चीख-पुकार सुनकर पुलिस को सूचना दी थी।
वहीं जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवसाद (डिप्रेशन) का उपचार करा रहा था। पुलिस उसकी मेडिकल हिस्ट्री की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को घटना का कारण मानने से पहले सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है।